शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

राब्ते

वे कहते है कि तुम अब बदल गए हो , 
पहले जैसे नहीं रहे | तो मैं नहीं कहता कि तुम कौन सा पहले जैसे हो | 
मैं सिर्फ हम्म कहता हूँ | 
वे कहते है कि मैं फ़ोन नहीं करता तो मैं नहीं कहता कि वे कौन सा करते है | 
मैं सिर्फ माफ़ी मांग लेता हूँ | 

फिर मैं राय लेता हूँ उनकी उन मुद्दों पर जिन पर मुझे कोई खास राय नहीं चाहिए !
और मैं सुनिश्चित करता हूँ कि 
वे जब मुझसे बतियाये तो एक दो इंच ऊँचे होकर ही जाए 
और कुछ इस तरह बचा रखे है मैंने राब्ते लोगो से !
वर्ना मैं निपट अकेला ही हूँ | 


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