बुधवार, 22 अप्रैल 2026

विरोधाभास

 कितना मज़ेदार विरोधाभास है ये कि अनाप शनाप कीमतों में तुम्हें चीज़ें बेचकर , तुम्हे गरीब करने वाले ये ब्रांड्स तुम्हे बदले में अमीर होने का एहसास बेचते है !

और उतनी ही मज़ेदार बात ये कि इस लेवल के मैनीपुलेशन में जहाँ ये तय इंडस्ट्री तय करती है कि तुम्हे इस साल क्या पसंद आएगा , तुम ख़ुशी खुशी सारा सामान माय लाइफ - माय चॉइस समझ के उठा रहे होते हो !

मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

स्पोर्ट्स शूज

जमाना लग गया | स्त्रियों को सलवार के साथ स्पोर्ट्स शूज पहन कर काम पर जाने में | 

क्योंकि उसे विरासत में सलवार ही मिली है | स्पोर्ट्स शूज उसने पुरुषों के वर्चस्व वाले दंगल में 

अपना कौशल दिखा कर जीते है |  

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

प्रेम केवल वहाँ टिकता है

 रिश्ते में प्रेम कहाँ टिकता है ? केवल वहाँ  , जहाँ दोनों को लगता हो कि मुझे मेरी औकात से ज्यादा मिला है | 

कहीं और ऐसा ना मिल पाता |

बाकि की सारी दुनिया अपने रिश्ते सीजफायर मोड जी रही है | दबे ढके , इधर उधर से समर्थन की जुगत में लगी ही रहती है |   


रोना छोड़ दोगे अपने रिश्ते के अधूरेपन का , जिस दिन जान लोगे कि सोशल मीडिया पे 'माय वाइफ , माय लाइफ ' , 'बेस्ट हबी इन दी वर्ल्ड ' के स्टेटस लगाने वाले भी अपने रिश्तों से खुश नहीं हैं ! 

शनिवार, 21 मार्च 2026

इंसान लड़ते ही रहेंगे

इंसान आपस में लड़ते ही रहेंगे | 
तब तक , जब तक तीन टांगी वाले एलियंस धरती पर नहीं आ जाते और इंसानो को एक साझा दुश्मन नहीं मिल जाता | 
जैसे प्रेम है , भूख है , लालच है , वैसे ही इंसान के वजूद में नफरत भी है | 

आदमी का एवोलुशन एक कबीलाई प्राणी के तौर पर हुआ है | और हर एक कबीले वालो को दूसरे कबीले वाले बतौर दुश्मन लाजिमी ही चाहिए | 
सो , सहूलियत के हिसाब से , कहीं हिन्दू  मुस्लिम के नाम पे, कही अरब यहूद के नाम पे , अमीर गरीब के नाम पे , काले गोर के नाम पे , कम्युनिस्ट कैपिटलिस्ट के नाम पे , इंसान लड़ते ही रहेंगे | 
लड़ते रहना ही इंसान के वजूद को पूरा करता है | 

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

ऐब भी हुनर

ये दुनिया तुम्हारे ऐबो में भी हुनर ढूढ़ लेगी | वैसे ही जैसे एक अच्छे कवि की ख़राब कविता में लोग गूढ़ मायने तलाश लेते है | 

शर्त बस इतनी है कि तुम्हारा शुमार कामयाब लोगों में हो |  

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

इत्ता सा सफर

गाँव के फार्म से शहर को निकला आदमी अपनी पूरी जवानी इस प्रयोजन में काट देता है कि वो बुढ़ापे में अपने फार्महाउस में आराम से रहेगा | 

यानि कि उसकी जिंदगी की तमाम भागदौड़ का हासिल फार्म से फार्महाउस तक का सफर ही है | 

विडंबना ये कि ये सफर भी विरले ही हासिल हो पाता है ! 

काम हमेशा रहेगा



ये जो दुनिया भाग भाग कर काम कर रही है 

काम को खत्म कर देना चाहती है 

क्या इसे नहीं पता 

काम कभी खत्म नहीं होता 

इंसान खत्म हो जाता है | 

काम शाश्वत होता है 

तुम्हारी व्यस्तताएँ फ़र्ज़ी हैं | तुम्हारे 'जरूरी' काम , दुनिया के लिए इतने जरूरी नहीं है, जितने तुम्हे लगते हैं | 


विरोधाभास

 कितना मज़ेदार विरोधाभास है ये कि अनाप शनाप कीमतों में तुम्हें चीज़ें बेचकर , तुम्हे गरीब करने वाले ये ब्रांड्स तुम्हे बदले में अमीर होने का ए...