संवाद
Simple and short Hindi stories from day to day life
बुधवार, 9 सितंबर 2026
मेरी पोटली
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
मेरा भोला होना
मैं ठगा गया हूँ बार बार
रिश्तों में , प्यार में , पैसे के लेनदेन में , व्यापार में |
इसलिए नहीं कि दुनिया बुरी है | इसलिए क्योंकि आसान होता है भोले लोगों को ठगना |
पर सीधे होने में , भोले होने में , पता है फायदा क्या है ? आप देख पाते हो होशियार लोगों के वे रंग , वे पहलु जो वे दूसरे होशियार लोगों को नहीं दिखा पाते |
भोले लोगों को दुनिया के ज्यादा रंग दीख पड़ते है | और ज्यादा चटख |
और इसलिए मैं चुनता हूँ भोला होना |
ज्यादा देख पाता हूँ |
बुधवार, 2 सितंबर 2026
नाकाम लड़के
लड़के जो छूट जाते हैं , तरक्की की राह में , पीछे |
रह जाते हैं गाँव में |
ऐसे 'नाकाम ' लड़कों के सहारे ही चलते हैं , परिवारों के सारे काम |
शनिवार, 29 अगस्त 2026
डरता हूँ मैं
डरता हूँ मैं कई बार नौकरी छोड़ देने के विचार से
तमाम थकान के बावजूद |
इस विचार से कि उस दुनिया में जहाँ हर वो आदमी जो काम पर नहीं है , नाकाम है !
उस दुनिया में कौन सा मुखौटा लेकर जाऊँगा |
अगर मेरे पास बताने के लिए कोई काम नहीं होगा
क्या तब भी ये दुनिया मुझे किसी काम का आदमी समझेगी ? डरता हूँ मैं |
प्यार के इकरार से
हर बार तुम तोड़े नहीं जाओगे, प्यार में किये गए इंकार से !
कई बार तोड़े जाओगे, प्यार के इकरार से |
इकरार जो उस वक़्त आएगा ,जब न मौसम होगा, और ना ही हालात |
तुम्हे हलाक कर जायेगा कोई, इस एहसास से कि काश तुमने कोई संजीदा कोशिश की होती |
डरना तुम ऐसे इकरार से , और रोक देना उसे कहने से पहले ही , जो आये तुम्हारे पास ऐसे किसी मिज़ाज़ से |
क्योकि प्यार में मिला इंकार मामूली सा एक तमाचा है |
लेकिन गलत वक़्त का इकरार , देह में छूटा काँटा है !
गुरुवार, 27 अगस्त 2026
कभी कभी
कभी कभी
ऐसा किया कीजिये कि हो जाया कीजिये गायब उन जगहों से जहाँ तुम्हारी मौजूदगी को गैर जरूरी समझा जाता हो |
लोगो को थोड़ा चखने दीजिये, अपनी गैर मौजूदगी |
कभी कभी बिना किसी प्लान के उठाया कीजिये झोला, डाला कीजिये कोई किताब और जा बैठिये, कहीं भी |
किसी पार्क में , कही बहते पानी के किनारे |
देखिये कि कैसे कुदरत में कितनी ही गैर जरूरी चीजे है!
गिलहरी पेड़ पर चढ़ उतर रही है , खामखा |
चीटियाँ कतारों में भागी जा रही है | बिलाबजह | जैसे जंग पे जाती हों |
छोटे छोटे बीटल्स फ़ालतू का कूड़ा कचरा धकेले ले जा रहे है | अपने बिलों में |
एहसास कीजिये
कि कैसे इन तमाम गैरजरूरी चीजों के जक्सटापोसिशन से ही दुनिया खूबसूरत बन पड़ी है |
सिंक होने दीजिये इस थॉट को कि कुदरत में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो फ़ालतू है |
और फिर जाने दीजिये उन लोगों को जिन्हे लगता है कि तुम किसी काम के नहीं हो |
घर की चारदीवारी
क्यों गिनी जाती हैं सारी बंदिशे औरतो के नाम
और सारी आजादियाँ मर्दो के नाम
क्यों माना जाता है घर की चारदीवारी को उम्रकैद
जबकि मैं अपने आस पास न जाने कितने ही ऐसे मर्दों को देखता हूँ जो खर्च हो रहे है
घर से बाहर ही , इस जतन में कि जुट जाए इतना भर कि जवानी में न सही बुढ़ापे में ही मयस्सर हो जाए घर की चारदीवारी |
मेरी पोटली
अक्सर मैं ऐसा करता हूँ कि जब घूमने निकलता हूँ तो साथ लेकर चलता हूँ एक पोटली | रखता हूँ उसमे कुछ छोटी ,कुछ बड़ी , कुछ दरमियानी , बेवफाइयाँ ,...
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बक्सा , बाल्टी, एक अदद मग्गा , कुछ जोड़ी कपडे , बिस्कुट , दालमोठ और पंजीरी | इंतज़ाम तो कुछ ऐसा था जैसे कोई फौजी पल्टन को जाता हो | ऐसे जैसे ...
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I must thank to my frined Ajeet who persuaded me to go for this memorable trip to Langkawi. Langkawi is definitely among best and most sp...
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This is wonderful morning today. I got up with pleasant breeze blowing though my window. Sky is covered with thick clouds and sproadic down...