मैं ठगा गया हूँ बार बार
रिश्तों में , प्यार में , पैसे के लेनदेन में , व्यापार में |
इसलिए नहीं कि दुनिया बुरी है | इसलिए क्योंकि आसान होता है भोले लोगों को ठगना |
पर सीधे होने में , भोले होने में , पता है फायदा क्या है ? आप देख पाते हो होशियार लोगों के वे रंग , वे पहलु जो वे दूसरे होशियार लोगों को नहीं दिखा पाते |
भोले लोगों को दुनिया के ज्यादा रंग दीख पड़ते है | और ज्यादा चटख |
और इसलिए मैं चुनता हूँ भोला होना |
ज्यादा देख पाता हूँ |