सोमवार, 1 जून 2026

Manipulators

 ये जो तुमसे प्यार में शर्ते रखते हैं न , ये असल में manipulators हैं | 

जिन्हे तुम अपना वजूद किसी कोरे कागज़ की तरह सौंपते हो और जब तक इनके चंगुल से बाहर आते हो तब तक तुम खुद रद्दी जैसा महसूस करने लगते हो | 

रविवार, 31 मई 2026

मुक्तिबोध

मुक्तिबोध 

फिर मुझे धीरे धीरे समझ आया कि ये सबको खुश रखने की जिम्मेदारी मेरी नहीं है | और न ही मेरा इतना बूता है कि मैं सबके मूड ठीक रख सकूँ | 
रिश्तों में अपने हिस्से  का फ़र्ज़ निभा देने के बावजूद  जो एक गिल्ट सिर पर बना रहता था न , मैंने अपने आपको उससे मुक्त कर लिया है अब  

मैं खुद हूँ

 उम्र लग गयी मुझे ये समझने में कि मैं अनमोल हूँ |

दूसरों के लिए नहीं , खुद के लिए | 

और मुझे अपने अनमोल होने का ना किसी को कोई सबूत देना है और न ही कुछ साबित करना है | 

क्योकि मुझे मेरे अनुभव में सिखाया है कि सब आने जाने है | आखिर तक जो साथ खड़ा रहेगा वो मैं खुद हूँ |   


मंगलवार, 26 मई 2026

खुद से प्यार

दिल हमेशा लगड झगड़ कर ही नहीं तोड़े जाते | न ही बेवफाई हमेशा गुनेहगार होती है | 

कई बार इतना भर कह देना कि अब उम्र हो गयी हैं आदमी की प्रेमकहानी का उपसंहार हो जाता है | 


कहानियाँ , प्रेम कहानियाँ ये सब मिलन पे ख़तम नहीं होती | ना ही सबकी नियति में लड़ाई झगड़ा होता है , न ही बेवफाई | 

कई बार इतना भर कहा जाना  कि अब उम्र हो गयी हैं , आदमी की प्रेमकहानी का उपसंहार बन जाता है | 


ठीक उस दिन 

ये सब को खुश रखने के फ़र्ज़ तले खुद को धुनते जाने के क्रम में तुम्हारी जिंदिगी में कही कोई ऐसा दिन आएगा कि जब दिल कहेगा कि रुको यार जीवन तो मेरा भी सीमित ही है 

और उस दिन , ठीक उस दिन , तुम्हे प्यार हो जायेगा | खुद से , एकांत से और चाय से | 

शनिवार, 23 मई 2026

अगर बीवियाँ न होतीं


अगर बीवियाँ न होतीं तो लूट लिए जाते न जाने कितने ही मर्द उनके अपने सगे  भाई बहन और सम्बन्धियों द्वारा | 

चूस लिए जाते न जाने कितनी ही चुड़ैलों द्वारा जो हर गली हर नुक्कड़ पर कंगूरों से लटकी प्रेम का मकड़जाल बुने ताक में रहती हैं  !

बीवियाँ इंसान नहीं होतीं , फरिश्ता होती हैं जो मर्दो को जवानी की तमाम दिक्कतों से निकाल बुढ़ापे की ओर सुरक्षित ले जाती हैं | 



शुक्रवार, 15 मई 2026

खुद के कैदी

वे जो कानून के कैदी हैं उनकी जमानत देर सवेर हो ही जाती है | 

वे जो खुद की रची हुई जेल में सजायाफ्ता हैं , उनका जमानती कोई नहीं होता | कोई भी तो नहीं | 


हिंदुस्तान में हर तीसरा शख्स गलत रिश्ते में फंस ताउम्र की सजा में कैद है | 

उसके नीरस जीवन में बच्चे पालने के अलावा कुछ भी तो नहीं | 




बोगेनविलिया के फूल



आपने कभी गौर किया है कि ये बोगेनविलिया के फूल जितनी ज्यादा गर्मी हो और जितना ज्यादा सूखा हो , ये उतना ही चटक खिलते है |  इंसानो का भी कुछ ऐसा ही है ना | आदमी जितनी ज्यादा तपिश झेलेगा , उतना ही बेहतर होकर खिलेगा | 

Manipulators

 ये जो तुमसे प्यार में शर्ते रखते हैं न , ये असल में manipulators हैं |  जिन्हे तुम अपना वजूद किसी कोरे कागज़ की तरह सौंपते हो और जब तक इनके ...