दलील सुने जाने की रिवायत में जब मुझसे कहा गया कि पूछो अगर कुछ पूछना है ,तो
मैंने पूछा "सर,आप ये बताइयेगा कि एक तकिये का क्या इस्तेमाल है ?"
उन्होंने कीबोर्ड पीटना चालू रखा और कहा " तकिया,सिर के नीचे लगाया जाता है "
मैंने कहा " नहीं, तकिया सिर के नीचे भी लगाया जाता है !"
"गुस्ताखी माफ़ पर गत वर्ष में मुझे मेरे दिए रोल के अलावा जहाँ भी फ़िट किया गया ,जब भी किया गया ,मैंने अपनी शिद्दत से काम किया है। बिना इस प्रतिरोध कि यह या वह मेरा काम नहीं है "
उन्होंने हमारे बीच पाले में रखा लैपटॉप एक तरफ़ खिसका दिया और कहा "पता है,तुम्हारा और तकिये का प्रॉब्लम क्या है ? तुम दोनों ही लचर पचर हो l कहीं भी फ़िट हो जाना कोई स्किल नहीं है l
कुछ तो ऐसा हो कंक्रीट,सॉलिड जिसे शोकेस किया जा सके l बोलो "
"आप चाहेंगे कभी,ऐसा तकिया इस्तेमाल करना ,जिसमे कंक्रीट हो !" मैंने कहा l
जबाब में उन्होंने एक गहरी साँस ली बस l
और इस तरह,साल में एक बार होने वाली मेरी अप्रैसल मीटिंग बिना किसी वेतनवृद्धि, बिना किसी शाबाशी ख़त्म हो गई l
:सचिन कुमार गुर्जर
संवाद
Simple and short Hindi stories from day to day life
मंगलवार, 7 जुलाई 2026
Takiya
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
toxicity
सभी इंसान अच्छे होते हैं , तब जबतक सब कुछ अच्छा चल रहा होता है |
अधिकतर इंसान ख़राब होते जाते है , तब जब सब कुछ एक है नहीं चल रहा होता |
और ये ख़राब इंसान खुद तक ही ख़राब नहीं रहते | किसी टोकरे में रखे आमों में फैली सड़न के माफिक ये सड़न फैलती है | अच्छे आदमी भी इस सड़न की जद में आते जाते हैं |
ये जो आसमान में छेद करती बुलंद इमारतें हैं ना इन्हे आप किसी गोदाम के सफों पे सजी आम की पेटियों जैसा समझिये और इनमे काम करने वालों को आम |
आम , जो कुछ सड़े हुए हैं | कुछ सड़न की कगार पे हैं | कुछ ऐसे हैं जो कैसे भी कर इस सड़न से छूट जाना चाहते हैं |
आज , दस में से आठ आदमी इस सवाल से रूबरू है कि इस माहौल में उसका मुस्तकबिल क्या है |
क्या उसमे कुछ ऐसा है , कोई भी थोड़ा बहुत हुनर , या कोई भी ऐसा काम करने का बूता जो उसे इस सड़न से मुक्ति दिला सके |
कुछ क्रिएटिव आर्ट , प्रॉपर्टी , शॉप , कोई ऑनलाइन बिज़नेस , फार्मिंग , कोई फ्रैंचाइज़ी , कोई पीसफुल रिमोट जॉब , कोई अपनी खुद की गुमटी |
कुछ भी ऐसा है जो उसका खुद का हो ऐसा हो जो सुकून से कुछ कम भी कमा जीवन यापन का झरोखा खोल दे |
लेकिन क्या सालों की जॉब कंडीशनिंग , फॅमिली की जिम्मेदारी , जकड़े आदमी के पास इतना गूदा बचता है कि वो नए काम की uncertainity में कूदे ?
ये डर है और ये वाजिब डर है | और ये डर उसे बर्दाश्त करते चले जाने की सलाह देता है | वो सिकुड़ता जाता है | जमीन छोड़ता जाता है |
और उसका ये जमीन छोड़ना , अपने पाले में पीछे हटते जाना टॉक्सिसिटी की जमीन तैयार करता है | जमीन जिसमे फूल मुरझाते जाते है और कैक्टस फलते फूलते हैं |
सवाल ये है कि कॉर्पोरेट में क्या वाकई हालात इस कदर ख़राब है कि हर दूसरा आदमी ड्रैकुला जैसे लम्बे दाँत लिए खून पीने को आतुर हैं | या खुद की इन्सेक्युरिटीज़ से जूझते लोग अपने साथ काम करने वालो , अपने नीचे काम करने वालों की जिंदगी जहन्नुम बनाते जा रहे हैं |
आप क्या सोचते हैं ?
रविवार, 28 जून 2026
मत कहो उनसे
मत कहो उनसे कि उन्होंने तुम्हारे लिए किया ही क्या है !
उन्होंने जिन्होंने , जेठ की दुपहरी में कमाकर , अपना पेट काटकर तुम्हे अच्छे से अच्छे स्कूलों तक भेजा है |
: मेहनतकश माता पिताओं को समर्पित
शनिवार, 6 जून 2026
आखिरी खुशफहमी
ये उम्र के साथ साथ सारी खुशफहमियाँ जैसे बह सी गयी है सिवाय एक खुशफहमी के वो ये कि अगर तुम होतीं तो मैं तुम्हारे साथ उम्र भर ख़ुशी खुशी जीता | और शायद इस खुशफहमी को जिन्दा रखने के लिए ही तुम्हारा चले जाना जरूरी रहा होगा |
सोमवार, 1 जून 2026
Manipulators
ये जो तुमसे प्यार में शर्ते रखते हैं न , ये असल में manipulators हैं |
जिन्हे तुम अपना वजूद किसी कोरे कागज़ की तरह सौंपते हो और जब तक इनके चंगुल से बाहर आते हो तब तक तुम खुद रद्दी जैसा महसूस करने लगते हो |
रविवार, 31 मई 2026
मुक्तिबोध
Takiya
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I must thank to my frined Ajeet who persuaded me to go for this memorable trip to Langkawi. Langkawi is definitely among best and most sp...
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बक्सा , बाल्टी, एक अदद मग्गा , कुछ जोड़ी कपडे , बिस्कुट , दालमोठ और पंजीरी | इंतज़ाम तो कुछ ऐसा था जैसे कोई फौजी पल्टन को जाता हो | ऐसे जैसे ...
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Phuket is the largest island in Thailand. At 540 km sq, it's about the same size as Singapore. Just about one and half hour from Sin...

