गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

असली स्त्रियों के मूछें भी होती हैं |

सारी उम्र बाहरी रूप और रोमांच के पीछे भागने वाले पुरुष ये स्वीकार ही नहीं कर पाते कि असली स्त्रियों के मूछें भी होती हैं | 

और ये स्वीकार न कर पाना , उनके भीतर एक नासूर की तरह रिसता है | जिसके चलते वे एक चमक से दूसरी चमक , एक शरीर से दुसरे शरीर के पीछे भागते रहते है | पर सुकून कही भी नहीं आता | 

असलीप्रेम  असली लोगों से ही मिल सकता है , मोम के पुतलो से नहीं | 

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