ये जो दुनिया भाग भाग कर काम कर रही है
काम को खत्म कर देना चाहती है
क्या इसे नहीं पता
काम कभी खत्म नहीं होता
इंसान खत्म हो जाता है |
काम शाश्वत होता है
तुम्हारी व्यस्तताएँ फ़र्ज़ी हैं | तुम्हारे 'जरूरी' काम , दुनिया के लिए इतने जरूरी नहीं है, जितने तुम्हे लगते हैं |
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