बाप घिस जाते है वक़्त से पहले ही
जल्दी करना नौजवान , पहुंचने में , जहाँ भी कही तेरी मंजिल हो |
क्योंकि मायें तो साबुत रह जाती है कई बार | बाप घिस जाते है वक़्त से पहले ही |
और कोई बड़ा मलाल नहीं है मलाल से जब मेहनत का अपॉइंटमेंट लेटर आता है बाप के चले जाने के बाद |
सब खुशिया आ सकती है तुम्हारी मेहनत से , चौधराहट तभी आ सकती है जब तुम काम पे हो और बाप चबूतरे पर सरकंडो के मोढ़े पर बैठा हुक्का पीता हो
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