शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

जालिम हूँ मैं !

 जालिम हूँ मैं !

मार देता हूँ अपनी खुशियाँ कुछ ऐसे भी | 

गुजरता हूँ अकेले कई बार , खूबसूरत नज़ारो से | 

होना चाहता हूँ खुश | 

और फिर सोच देता हूँ कि कोई होता साथ , जो देखता मुझे खुश होते हुए !

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