जालिम हूँ मैं !
मार देता हूँ अपनी खुशियाँ कुछ ऐसे भी |
गुजरता हूँ अकेले कई बार , खूबसूरत नज़ारो से |
होना चाहता हूँ खुश |
और फिर सोच देता हूँ कि कोई होता साथ , जो देखता मुझे खुश होते हुए !
जालिम हूँ मैं ! मार देता हूँ अपनी खुशियाँ कुछ ऐसे भी | गुजरता हूँ अकेले कई बार , खूबसूरत नज़ारो से | होना चाहता हूँ खुश | और फिर सोच देता...
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