हम जो मिले थे मिले थे कुछ ऐसे हालात में कि जिंदगी में गलती कर बैठे थे
वे भी और मैं भी
लम्बे अरसे तक सुकून पाते रहे इस एहसास में कि हक़दार थे बेहतर चुनाव के , वे भी और मैं भी
और फिर ऐसा हुआ कि उनकी गलती ने अपनी गलती सुधार कर ली |
और मैं कुछ न कर सका सिवाय इसके के मैंने नए कपडे पहनना छोड़ दिया
\अब मिलते है तो पूछते है कि बच्चे कैसे है वे भी और मैं भी
सब दीयों के लिए दिवाली नहीं आती ,
ना ही सबके हिस्से आता है प्यार !
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