लड़के जो छूट जाते हैं , तरक्की की राह में , पीछे |
रह जाते हैं गाँव में |
ऐसे 'नाकाम ' लड़कों के सहारे ही चलते हैं , परिवारों के सारे काम |
वक्त के साथ इंसान ही नहीं बदलते | कई बार शब्दों के मायने भी बदल जाते हैं | ऐसा ही एक शब्द है 'मुआवजा ' मुआवजा का शाब्दिक अर्थ नुक्सा...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी करें -