बुधवार, 16 सितंबर 2026

टाइमपास

कभी गम मत मनाना इस बात का कि कोई तुम्हे महज टाइम पास समझकर , तुम्हारा इस्तेमाल कर आगे निकल गया | 
अपने किसी परमानेंट की तलाश में | 

हाँ , तुम बनना उनका टाइम पास , मगर इस हुनर से उनकी रूह की सलबटों में छुपा आओ कही अपना  रंग | 

रंग जो वक़्त के साथ उतरता जाए गहरा और गहरा | कुछ वैसे जैसे खजूर का काँटा वक़्त के साथ देह में गहरा और भी गहरा धँसता जाता है | 

और फिर तुम देखना दूर से ही  कि कैसे उनका परमानेंट फीका पड़ता जाता है तुम्हारे साथ किये गए टाइम पास की याद में | 

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