शनिवार, 19 सितंबर 2026

असली कला

 वे कहते है कि लोगों को हँसाना एक कला है | 

मैं कहता हूँ कि वे लोग जो हँसते है दुनिया के सामने 

उन्हें अपने कंधे पर सर रखकर रो लेने देना असली कला है | 


लोग करते है फक्र सीनो को सजा भरी भरकम तमगों से 

मैं कहता हूँ उतार देना बोझ थोड़ा किसी के सीने से असली कला है 


दुनिया करती है प्यार उन्हें 

वे जो मासूम हैं , हसीं हैं , जवां हैं | 

प्यार करना उन्हें जिन्हे देखकर किसी को प्यार नहीं आता 

असली कला है | 


और ये दुनिया लगी है तमाम 

देवता हो जाने की होड़ में 

मैं कहता हूँ कि इंसानो की इस भीड़ में 

एक फकत इंसान हो पाना 

असली कला है 

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