सोमवार, 10 अगस्त 2026

Order Number 22

जानते हो मुझे ऐसे कैफे  में बैठ कर चाय पीना क्यों पसंद है | वो यूँ के ऐसे ही चाय के साथ बैठ मैंने न जाने कितने ही लोगो को खोला है |  ऐसे लोग जो खुशहाल शादियों में है पर जिन्होंने सालों से अपने पार्टनर का हाथ तक नहीं थामा | लोग जो ऊँचे ओहदो पर है पर उनका बस चले तो सब कुछ छोड़छाड़  कर पहाड़ भाग जाए ,अकेले।

लोग जिनकी अपने भाई बहनो से बात तक नहीं होती , प्रॉपर्टी के चक्कर में | 

चाय की चुस्कियों के साथ पीना सीख रहा हूँ मैं उनका अकेलापन , उनका गिल्ट , उनकी बेबसी , उनका ट्रामा | 

हर इंसान भरा बैठा है | मैं सीख रहा हूँ उसे खोलना , हर एक कप चाय के साथ | 

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