सुनो , कभी कोसना मत किस्मत को , कि कब तक पापड़ बिलबायेगी |
कब तक आजमाएगी |
क्योकि इसी आजमाईश के बीच, इन्ही तनहा सफ़रों में कई बार किस्मत तुम्हारे सामने ऐसे शानदार नज़ारे खोलेगी कि देखने वाले कहेंगे कि सब नसीबों की बात है |
मेरे घर पर आजकल पुताई का काम चल रहा है | चूँकि मैं छुट्टी में हूँ और पुताई , चिनाई ,खुदाई जैसे कामो को होते देखना मेरा बचपन से ही शगल रहा ह...
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