शनिवार, 18 जुलाई 2026

कहना सीखो

कहना सीखो | वे बातें जो कहने की हैं | 

उनसे , जिनके होने से तुम हो | 

क्योंकि वक़्त ऐसा भी आता है कई बार | कि तुम जाते हुए आदमी को रोकना चाहते हो | 

चाहते हो कि अपनी जिन्दगी के बैलेंस से कुछ वक़्त उन्हें दे दो | इतना वक़्त कि वो बाते जो तुम उनसे कहना चाहते हो , कह पाओ | 

मलाल कभी उन बातों का नहीं होता जो कह दी जाती हैं | उन बातों का होता है जो तुम कह नहीं पाते |  इसलिए कहना सीखो |  उनसे जिनसे तुम कहना चाहते हो | 


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