रविवार, 28 जून 2026

मत कहो उनसे


 मत कहो उनसे  कि उन्होंने तुम्हारे लिए किया ही क्या है ! 

उन्होंने जिन्होंने , जेठ की दुपहरी में कमाकर , अपना पेट काटकर तुम्हे अच्छे से अच्छे स्कूलों तक भेजा है | 

: मेहनतकश माता पिताओं को समर्पित 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें -

और फिर एक दिन

कितने ही प्रेम निवेदन ठुकरा दिए मैंने |  इस गुमान में कि कही कोई फ्यूचर में है जो सबसे बेहतर है और जो मेरे इंतज़ार में है |  कितनी ही यात्राओ...