Simple and short Hindi stories from day to day life
उन्होंने जिन्होंने , जेठ की दुपहरी में कमाकर , अपना पेट काटकर तुम्हे अच्छे से अच्छे स्कूलों तक भेजा है |
: मेहनतकश माता पिताओं को समर्पित
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कितने ही प्रेम निवेदन ठुकरा दिए मैंने | इस गुमान में कि कही कोई फ्यूचर में है जो सबसे बेहतर है और जो मेरे इंतज़ार में है | कितनी ही यात्राओ...
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