ये जो तुमसे प्यार में शर्ते रखते हैं न , ये असल में manipulators हैं |
जिन्हे तुम अपना वजूद किसी कोरे कागज़ की तरह सौंपते हो और जब तक इनके चंगुल से बाहर आते हो तब तक तुम खुद रद्दी जैसा महसूस करने लगते हो |
अक्सर मैं ऐसा करता हूँ कि जब घूमने निकलता हूँ तो साथ लेकर चलता हूँ एक पोटली | रखता हूँ उसमे कुछ छोटी ,कुछ बड़ी , कुछ दरमियानी , बेवफाइयाँ ,...
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