मंगलवार, 26 मई 2026

खुद से प्यार

दिल हमेशा लगड झगड़ कर ही नहीं तोड़े जाते | न ही बेवफाई हमेशा गुनेहगार होती है | 

कई बार इतना भर कह देना कि अब उम्र हो गयी हैं आदमी की प्रेमकहानी का उपसंहार हो जाता है | 


कहानियाँ , प्रेम कहानियाँ ये सब मिलन पे ख़तम नहीं होती | ना ही सबकी नियति में लड़ाई झगड़ा होता है , न ही बेवफाई | 

कई बार इतना भर कहा जाना  कि अब उम्र हो गयी हैं , आदमी की प्रेमकहानी का उपसंहार बन जाता है | 


ठीक उस दिन 

ये सब को खुश रखने के फ़र्ज़ तले खुद को धुनते जाने के क्रम में तुम्हारी जिंदिगी में कही कोई ऐसा दिन आएगा कि जब दिल कहेगा कि रुको यार जीवन तो मेरा भी सीमित ही है 

और उस दिन , ठीक उस दिन , तुम्हे प्यार हो जायेगा | खुद से , एकांत से और चाय से | 

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