शुक्रवार, 15 मई 2026

खुद के कैदी

वे जो कानून के कैदी हैं उनकी जमानत देर सवेर हो ही जाती है | 

वे जो खुद की रची हुई जेल में सजायाफ्ता हैं , उनका जमानती कोई नहीं होता | कोई भी तो नहीं | 


हिंदुस्तान में हर तीसरा शख्स गलत रिश्ते में फंस ताउम्र की सजा में कैद है | 

उसके नीरस जीवन में बच्चे पालने के अलावा कुछ भी तो नहीं | 




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें -

आखिरी खुशफहमी

ये उम्र के साथ साथ सारी  खुशफहमियाँ जैसे बह सी गयी है  सिवाय एक खुशफहमी के वो ये कि अगर तुम होतीं तो मैं तुम्हारे साथ उम्र भर ख़ुशी खुशी जीता...