उम्र लग गयी मुझे ये समझने में कि मैं अनमोल हूँ |
दूसरों के लिए नहीं , खुद के लिए |
और मुझे अपने अनमोल होने का ना किसी को कोई सबूत देना है और न ही कुछ साबित करना है |
क्योकि मुझे मेरे अनुभव में सिखाया है कि सब आने जाने है | आखिर तक जो साथ खड़ा रहेगा वो मैं खुद हूँ |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी करें -