ये जो कांच के ऊँचे कॉर्पोरेट ऑफिस से घर लौटते लोग है न ,
इनमे से न जाने कितने सिर्फ survival mode में ही जीते हैं
नौकरी में survival, work visa में survival , पर्सनल रिश्ते , फिजिकल हेल्थ , मेन्टल हेल्थ , सब में बस जैसे तैसे survival
विडंबना ये है कि इनमे से बहुतों के जीवन में बिना डर जीने का मोड़ शायद कभी नहीं आएगा |
survival mode से सीधे not fit for work mode ही आएगा
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