बुधवार, 15 अप्रैल 2026

प्रेम केवल वहाँ टिकता है

 रिश्ते में प्रेम कहाँ टिकता है ? केवल वहाँ  , जहाँ दोनों को लगता हो कि मुझे मेरी औकात से ज्यादा मिला है | 

कहीं और ऐसा ना मिल पाता |

बाकि की सारी दुनिया अपने रिश्ते सीजफायर मोड जी रही है | दबे ढके , इधर उधर से समर्थन की जुगत में लगी ही रहती है |   


रोना छोड़ दोगे अपने रिश्ते के अधूरेपन का , जिस दिन जान लोगे कि सोशल मीडिया पे 'माय वाइफ , माय लाइफ ' , 'बेस्ट हबी इन दी वर्ल्ड ' के स्टेटस लगाने वाले भी अपने रिश्तों से खुश नहीं हैं ! 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें -

खुद से प्यार

दिल हमेशा लगड झगड़ कर ही नहीं तोड़े जाते | न ही बेवफाई हमेशा गुनेहगार होती है |  कई बार इतना भर कह देना कि अब उम्र हो गयी हैं आदमी की प्रेमकहा...