बुधवार, 19 फ़रवरी 2014

चाय के बहाने





बोझिल है मन , सूखी आँखे ।
                                बाहर हरियाली जब खिड़की झाँके
मौसम  खोकर क्या पायेगा तू ?चल आँख सेककर आना है ।
 चाय तो एक बहाना है!

बिगड़ रहे सारे इकुएशन ।
                             ना  पी. बी. सी.*, ना  प्रमोशन ।
जले कलेजा क्यों अपना ही फिर? अब बड़को का भी खून जलाना है ।
चाय तो एक बहाना है!

थोड़ी खुशियाँ ,थोडा सा गम ।
                              पत्ती ज्यादा , चीनी थोडा कम ।
व्यर्थ इतना गम्भीर बाबरे ,अरे सब यही तो रह जाना है ।
 चाय तो एक बहाना है !

उठा पटक संसद के अंदर ।
                            गधे, घोड़े ,खच्चर  और बन्दर। 
तर्क तराजू  तोलो , साधो ,किसको इस बार जिताना है ।
 चाय तो एक बहाना है !



शब्दावली -
पी. बी. सी. : आधुनिक कारखानो में मजदूरों की कार्यकुशलता मापने की  एक गूठ मापक विधि है , जिसे साधने का गुण विरलों में ही होता है ।
        
 

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