कितने ही प्रेम निवेदन ठुकरा दिए मैंने |
इस गुमान में कि कही कोई फ्यूचर में है जो सबसे बेहतर है और जो मेरे इंतज़ार में है |
कितनी ही यात्राओं के प्रस्ताव जो मेरे दोस्तों ने रखे , मैंने नकार दिए , इस हुनक में कि अभी समय नहीं है |
कितने ही पहाड़ , समंदर , झरने जो मेरी जद में थे , मैंने नहीं घूमे , इस मकसद में कि पैसा बचाना है |
कितने शगल , कितने शौक जो मुझे जिंदादिली से जीने का एहसास दिला सकते थे , मैं सबको रौंधता चला गया |
इस गलतफहमी में , कि एक दिन मेरा दौर आएगा , अभी उम्र पड़ी है |
आँखो पर पड़े पर्दो से मैंने देखा कि मेरी जवानी का झरना सदानीरा है , जो बस बहता ही जायेगा | बहता ही जायेगा | हमेशा |
और फिर एक दिन मैं बूढा हो गया |
Life is shorter than it appears . Live it.
An original by Sachin Kumar Gurjar
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