कहना सीखो | वे बातें जो कहने की हैं |
उनसे , जिनके होने से तुम हो |
क्योंकि वक़्त ऐसा भी आता है कई बार | कि तुम जाते हुए आदमी को रोकना चाहते हो |
चाहते हो कि अपनी जिन्दगी के बैलेंस से कुछ वक़्त उन्हें दे दो | इतना वक़्त कि वो बाते जो तुम उनसे कहना चाहते हो , कह पाओ |
मलाल कभी उन बातों का नहीं होता जो कह दी जाती हैं | उन बातों का होता है जो तुम कह नहीं पाते | इसलिए कहना सीखो | उनसे जिनसे तुम कहना चाहते हो |
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