मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

सेरेंडीपिटी

नाम 'गेन किम लिन' था वैसे उसका , पर मेरी सहूलियत के लिए उसने बताया कि मैं उसे केटी पुकार सकता था |  छोटे कद की , औसत से सुन्दर मंगोल नैन नक्श थी केटी | तीस साल की रही होगी | हो ची मिन्ह सिटी में एक रविवार की सुबह को मिले थे हम | एक बुक फेयर में | वियतनाम में लोकल लोगो का अंग्रेजी में हाथ काफी टाइट है | पिछले दो दिन से मैं गूगल ट्रांसलेटर के सहारे काम चला रहा था | ऐसे में धाराप्रवाह अंरेजी बोलती लड़की का मिल जाना जिसका लिटरेचर टेस्ट भी मेरे जैसा ही था , सोने पे सुहागा वाली बात थी | 

बिलिंग काउंटर से बाहर आते हुए मैंने उससे पूछा कि क्या वहाँ आसपास कोई अच्छा कॉफ़ी हाउस है | "मिस्टर, आप कॉफ़ी हाउसेस के शहर में है | वेलकम टू हो ची मिन्ह सिटी |" उसका जबाब था | और फिर हम घंटा भर एक कॉफ़ी हाउस में जमे रहे | हमारी कुछ ऐसी जमी कि जब वह  गयी तो अगली शाम मेरे से मिलने का वादा करके गयी |  

सैगोन नदी के ऊपर बने कैंटीलीवर ब्रिज के उस पार आसमान में चाँद उभर आया था | सैगोन नदी में एक्का दुक्का मोटर बोट धीमी रफ़्तार से बह रही थी | कॉफ़ी हॉउस के बाहर बैठे हम दूर तक रिवर फ्रंट को देख सकते थे | रिवर फ्रंट के आखिरी सिरे पर वियतनाम के महानायक हो ची मिन्ह का स्टेचू दूधिया रोशनी में नहाया हुआ था |पुरबा बह रही थी | 

केटी ने कॉफ़ी मग किनारे रखते हुए मुझसे पूछा " तुम्हे क्या लगता है , हमारा मिलना एक  कोइंसिडेन्स भर है ?"

"तुम्हे क्या लगता है ? " मैंने कहा | 

"देयर इस नथिंग लाइक कोइंसिडेन्स "

"मै उन सारे इवेंट्स का खाका खींच सकती हूँ , जिनके चलते तुम मुझे कल  बुक फेयर में मिले | " 

"मेरा इंग्लिश टीचर होना, हमारा किताबो में रूचि लेना  , मेरा तलाकशुदा अकेले होना , सिंगापूर का हो ची मिन से नज़दीक होना , तुम्हारा कम्युनिज्म में दिलचस्पी लेना , दोनों का कॉफ़ी का दीवाना होना , इतिहास , आर्किटेक्चर में हमारा इंटरेस्ट .....   "

"अहह , इनमे से कुछ भी इधर से उधर हुआ होता तो हम आज यहाँ साथ न बैठे होते | "

सामने वाले की हर बात से सहमत हो जाना भी एक कला है जिसे मैंने सालों की हुज्जतों , बहसों , झगड़ो के बाद सीखा है | 

"हम्म , तो क्या हम इसे सेरेंडीपीटी कह सकते है केटी | मतलब एक तरह का अचानक से जिंदगी कुछ बहुत अच्छा हो जाना | कोई अच्छा सा मिल जाना | " मैंने कहा और जबाब में वह  मुस्कुराई भर | 

मैं चुप ही रहा ,बस अपना दायाँ हाथ उसके बाये हाथ पर रख दिया | केटी ने कोई विरोध नहीं किया और वह शाम  हमने ख़ुशी में गुजारी | 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी करें -

सेरेंडीपिटी

नाम 'गेन किम लिन' था वैसे उसका , पर मेरी सहूलियत के लिए उसने बताया कि मैं उसे केटी पुकार सकता था |  छोटे कद की , औसत से सुन्दर मंगोल...