कभी कभी
ऐसा किया कीजिये कि हो जाया कीजिये गायब उन जगहों से जहाँ तुम्हारी मौजूदगी को गैर जरूरी समझा जाता हो |
लोगो को थोड़ा चखने दीजिये, अपनी गैर मौजूदगी |
कभी कभी बिना किसी प्लान के उठाया कीजिये झोला, डाला कीजिये कोई किताब और जा बैठिये, कहीं भी |
किसी पार्क में , कही बहते पानी के किनारे |
देखिये कि कैसे कुदरत में कितनी ही गैर जरूरी चीजे है!
गिलहरी पेड़ पर चढ़ उतर रही है , खामखा |
चीटियाँ कतारों में भागी जा रही है | बिलाबजह | जैसे जंग पे जाती हों |
छोटे छोटे बीटल्स फ़ालतू का कूड़ा कचरा धकेले ले जा रहे है | अपने बिलों में |
एहसास कीजिये
कि कैसे इन तमाम गैरजरूरी चीजों के जक्सटापोसिशन से ही दुनिया खूबसूरत बन पड़ी है |
सिंक होने दीजिये इस थॉट को कि कुदरत में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो फ़ालतू है |
और फिर जाने दीजिये उन लोगों को जिन्हे लगता है कि तुम किसी काम के नहीं हो |
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