क्योकि सरकार ने बंद कर दीं हैं लॉटरियाँ |
और खोल दिए है उनकी जगह अंग्रेजी शराब की दुकानें |
तुम जाना शहर के महंगे स्कूलों के गेट की सड़क पर जहाँ चमकीली गाड़ियों से उतर रहें हो अमीर लोगों के बच्चे |
वहाँ देखना तुम फुटपाथ से सटा पुरानी स्कूटी लिए खड़ा होगा कोई बाप | स्कूटी जिसकी आसान क़िस्त अभी भी जारी होगी |
बाप जो अपनी औकात से कहीं ज्यादा बड़ा दाँव खेल रहा है अपने बच्चों पर |
अगर इस जुआरी बाप का दाँव सही पड़ गया तो वो कल होगा कामयाब बच्चों का होशियार पिता |
और अगर गलत पड़ा दाँव, तो शून्य में ताकते कटेगा उसका बुढ़ापा |
और वो मर जायेगा बेवक़्त किसी ऐसी बीमारी से जो कोई गंभीर बीमारी भी न होगी |
हिंदुस्तान में बच्चों की पढाई पर खेला जाने वाला जुआ दुनिया का सबसे बड़ा जुआ है |
इसके कद का जुआ दुनिया के किसी कोने में नहीं है !
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